चीन ने डोकलाम के बाद अब लद्दाख में भी घुसने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेनाओं ने चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया. इसके बाद दोनों सेनाओं ने इस मुद्दे पर बातचीत की और कहा कि आगे से ये गलती नहीं दोहराई जाएगी. लेकिन इस आश्वासन के बावजूद भी भारतीय सेनाएं चीन की चालबाजी का सामना करने के लिए तैयार हैं, भारत को अंदेशा है कि चीन कई और हिस्सों में लगातार घुसपैठ जारी रख सकता है.

सूत्रों की मानें, तो चीन की नजर अब हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश के इलाकों में हैं. चीन बाराहोती और लिपूलेख इलाकों को निशाना बना सकता है. यही कारण है कि सेना को इन इलाकों में अलर्ट कर दिया गया है. हालांकि सेना से संयम बरतने की बात कही गई है, और किसी भी तरह के उकसावे में ना आने की बात कही है.

चीनी सेना (पीएलए) भले ही कई जगह से घुसपैठ की कोशिश करे, लेकिन वह सिक्किम-भूटान-सिक्किम वाले इलाके में ऐसा करने से पहले दोबारा सोचेगा. क्योंकि भारत की स्थिति इस जगह पर काफी मजबूत है, जो कि चीन के पास चुंबी घाटी में उसकी मुश्किलें बढ़ा सकता है. लेकिन चीन ने जिस तरह लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल/उत्तराखंड के इलाके में घुसपैठ कर सकता है.

हालांकि भारत यह भी सोचता है कि क्योंकि तिब्बत के एक हिस्से के पास उसका हथियार, सेना, एयर डिफेंस को बनाने का हिस्सा है इसलिए वह सीधे युद्ध के लिए नहीं जाएगा. इसकी वजह यह भी है कि पूर्वी ओर से अभी डोकलाम पर मोर्चा खुला है और इस हिस्से से दोबारा मोर्चा खोलना मुश्किल होगा. चीन लगातार लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.

सूत्रों का ये भी मानना है कि दोनों देश नवंबर-दिसंबर से पहले डोकलाम विवाद निपटाना चाहते हैं. इसके लिए भारत अपने सैनिकों को वापस लेने के लिए तैयार भी है लेकिन चीन अपनी सेना हटाने को तैयार नहीं है.


बता दें कि डोकलाम को लेकर हुए भारत और चीन के बीच विवाद ने दोनों देशों के रिश्तों में एक दरार-सी बना दी है. डोकलाम के बाद हाल ही में खबर थी कि लद्दाख में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थीं. हालांकि, दोनों सेनाओं ने बैठक कर विवाद को बातचीत से सुलझाने की बात कही. लेकिन चीनी मीडिया लगातार भारत पर हमला बोल रहा है. अब चीन के टीवी चैनल ने भारत का मजाक उड़ाया है और डोकलाम के मुद्दे पर भारत के 7 पापों को गिनवाया है.

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