नवंबर से केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाह इलेक्ट्रिक सेडान कारों में घूमते दिखेंगे। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल की खपत करने वाले भारत ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) में शामिल होने का फैसला किया है। इसके लिए 10,000 बैटरी संचालित कारों और एनसीआर में 4,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए वैश्विक बोलियां लगाई गई हैं।

सरकारी पॉवर यूटिलिटी कंपनी एनर्जी एक्सीसिबिलिटी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने इसके लिए टेंडर जारी किया है और शुक्रवार को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया जाएगा। केंद्रीय बिजली, कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हम सरकारी विभागों के साथ इस काम को शुरू करेंगे।

ईईएसएल और पेट्रोलियम पंपों ने एनर्जी एफिशिएंट एलईडी बल्बों की पेट्रोल पंपों से बिक्री के लिए एमओयू पर बुधवार को हस्ताक्षर किए हैं। ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने कहा कि कंपनी पहले चरण के तहत छह महीने के अंदर चार दरवाजों वाली 1000 इलेक्ट्रिक विहिकल खरीद लेगी। इन कारों को एक बार चार्ज करने के बाद वे 120 से 150 किमी तक चलेंगी।

उन्होंने कहा कि हमने सरकार को बताया कि हम ईवी, ड्राइवर और मेंटिनेंस की सुविधा मुहैया कराएंगे। इसलिए सरकारी विभागों के लिए कुछ भी नहीं बदलेगा क्योंकि उन्हें सेवाएं मिलना जारी रहेंगी। पुरानी व्यवस्था की तुलना में इस पर संभवतः 5,000 रुपए का खर्च कम होगा और प्रदूषण में कमी में भी योगदान दिया जा सकेगा।

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